सतीश चन्द्र श्रीवास्तव सीतापुर, उ.प्र. करते रुदन विलाप हैं पाठन बिन सब छंद। लाइक और कमेंट बिन छंद जेल में बंद।। बड़े एक से एक हैं साहित्यिक ग्रुप आज। किंतु एडमिन भी…
प्रसिद्ध भाषाविद, चिंतक, वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय प्रो . शर्वेश पाण्डेय जी, प्राचार्य, डी.सी.एस.के. महाविद्यालय,मऊ से आगामी 27-28 फरवरी, 2025 को डी.सी.एस.के. महाविद्यालय,मऊ के प्रांगण में लोक कलाओं व भोजपुरी पर अखिल भारतीय…
वीथिका ई पत्रिका पहुंची प्रसिद्ध भाषाविद, चिंतक, वरिष्ठ साहित्यकार आदरणीय प्रो. शर्वेश पाण्डेय जी, प्राचार्य, डी.सी.एस.के. महाविद्यालय,मऊ से मिलने व उनसे लोक साहित्य व राष्ट्र के बारे कुछ सीखने।…..
अंकुर सिंह हरदासीपुर, चंदवक जौनपुर, उ. प्र भारत पर्वो-त्योहारों का देश है…तपती गर्मी के बाद जब मानसून आता है तो मन झूम उठता है, एक कृषि प्रधान समाज इसी भींगती बारिश के…
अश्वनी अकल्पित नई दिल्ली बरसो बरसो सावन देखो आसमान में कारी घटा जैसे गोपियों के आंख में काजल सा घुला बरस-बरस के मन महकाती हो मन को सुखद अनुभूति कराती हो, तरस…